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      कलाशाला · स्थापना 2015 · पेरिस, फ्रांस
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      अवनींद्रनाथ टैगोर

      1871 - 1951

      संक्षिप्त जानकारी

      • Emotional tone: प्रशांत
      • Mediums:
        • कैनवस पर एक्रिलिक पेंट
        • कैनवस पर तेल रंग
      • Typical colors:
        • गुलाबी भूरा
        • सूखी लकड़ी जैसा भूरा
      • Gift suitability: other-none
      • Lifespan: 80 years
      • Museums on APS:
        • नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट
        • लाहौर संग्रहालय
        • विक्टोरिया मेमोरियल हॉल
      • Best occasions:
        • मुख्य आकर्षण
        • हाइलाइट
      • Top-ranked work: Journey
      • Color intensity:
        • चमकदार
        • संतुलित
      • Room fit: लिविंग रूम
      • Died: 1951
      • Creative periods: mature period
      • और अधिक…
      • Movements:
        • bengal school of art
        • bengal school
      • Also known as: अबन ठाकुर
      • Works on APS: 21
      • Corpus themes:
        • swadeshi values
        • mughal
        • rajput
        • indian identity
        • mughal and rajput styles
      • Art period: आधुनिक
      • Top 3 works:
        • Journey
        • Natir Puja
        • બુદ્ધનો વિજય
      • Topics explored:
        • indian art
        • tagore
        • mughal influence
        • orientalism
        • symbolism
      • Copyright status: Public domain
      • Nationality: भारत
      • Vibe:
        • पुरानी यादों भरा
        • सौम्य और शांत
        • प्रशांत
      • Born: 1871, जोरांशंको, भारत

      प्रारंभिक जीवन और पृष्ठभूमि

      • जन्म: 7 मई, 1861, जोरासांको, कलकत्ता, ब्रिटिश भारत
      • मृत्यु: 5 दिसंबर, 1951
      • परिवार: प्रतिष्ठित टैगोर परिवार के सदस्य; रवींद्रनाथ टैगोर के भतीजे। उनके दादा गिरिंद्रनाथ टैगोर थे, और उनके पिता गुणेंद्रनाथ टैगोर थे।
      • शिक्षा: 1880 के दशक में कोलकाता के संस्कृत कॉलेज में अध्ययन किया और बाद में कलकत्ता स्कूल ऑफ आर्ट में शिक्षा प्राप्त की।

      कलात्मक विकास और प्रभाव

      • प्रारंभिक प्रशिक्षण: कलकत्ता स्कूल ऑफ आर्ट में ओ. घिलार्डी से पेस्टल और चार्ल्स पामर से ऑयल पेंटिंग सीखी।
      • मुगल और राजपूत शैलियाँ: पश्चिमी कला मॉडलों को त्यागकर इन शैलियों को आधुनिक बनाने का प्रयास किया।
      • स्वदेशी मूल्य: भारतीय परंपराओं को बढ़ावा देते हुए अपनी कला में स्वदेशी मूल्यों को समाहित किया।
      • व्हिसलर का सौंदर्यवाद: व्हिसलर के सौंदर्यशास्त्रीय सिद्धांतों से प्रभावित रहे।
      • जापानी प्रभाव: कलाकारों टिकन और हेसिडा से मिलने के बाद अपनी शैली में चीनी और जापानी सुलेख परंपराओं को शामिल किया।

      प्रमुख कृतियाँ और कलात्मक योगदान

        रोहिणी II: उनके कलात्मक कौशल को प्रदर्शित करने वाली एक उल्लेखनीय कृति।
      • पासिंग ऑफ शाहजहाँ: उनकी शैली को दर्शाने वाली एक अन्य महत्वपूर्ण पेंटिंग।
      • सीजन फ्लावर इन अ वास: तकनीक और विषय वस्तु पर उनकी महारत का प्रमाण।
      • अरेबियन नाइट्स श्रृंखला (1930): उनकी सबसे उत्कृष्ट उपलब्धियों में से एक मानी जाती है, जिसमें औपनिवेशिक कलकत्ता की खोज के लिए 'अरेबियन नाइट्स' की कहानियों का उपयोग किया गया है।
      • भारत माता: भारत माता का प्रतीक बनाने वाली एक अत्यंत महत्वपूर्ण पेंटिंग।
      • बंगाल स्कूल ऑफ आर्ट के संस्थापक: आधुनिक भारतीय चित्रकला को आकार देने और राष्ट्रवादी कला को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
      • इंडियन सोसाइटी ऑफ ओरिएंटल आर्ट (1907): पारंपरिक भारतीय कला रूपों को बढ़ावा देने के लिए इस संस्था की स्थापना की।

      विरासत और ऐतिहासिक महत्व

      • आधुनिक भारतीय चित्रकला के अग्रदूत: आधुनिक भारतीय कला के विकास में एक प्रमुख व्यक्तित्व के रूप में मान्यता प्राप्त।
      • परवर्ती कलाकारों पर प्रभाव: नंदलाल बोस, असित हलदर, क्षितীন্দ্রनाथ मजूमदार और जामिनी रॉय जैसे उल्लेखनीय कलाकारों का मार्गदर्शन किया।
      • पारंपरिक कला रूपों का पुनरुद्धार: पारंपरिक भारतीय तकनीकों और शैलियों की ओर लौटने का समर्थन किया।
      • बंगाली बाल साहित्य पर प्रभाव: राजकाहिनी, बुडो अंगला, नलक, और खीरर पुतुल जैसी प्रभावशाली बाल पुस्तकें लिखीं।
      • राष्ट्रीय कला निधि: उनकी कृतियों को राष्ट्रीय कला धरोहर माना जाता है।

      कला प्रश्नोत्तरी

      प्रत्येक प्रश्न का केवल एक ही सही उत्तर है।

      प्रश्न 1:
      अवनिंद्रनाथ टैगोर को किस प्रभावशाली कला आंदोलन का मुख्य कलाकार और निर्माता माना जाता है?
      प्रश्न 2:
      अवनिंद्रनाथ टैगोर के कलात्मक दृष्टिकोण का मार्गदर्शन करने वाला प्रमुख दर्शन क्या था?
      प्रश्न 3:
      एक चित्रकार होने के अलावा, अवनिंद्रनाथ टैगोर किस अन्य क्षेत्र में अपने योगदान के लिए भी जाने जाते थे?
      प्रश्न 4:
      निम्नलिखित में से कौन सा अवनिंद्रनाथ टैगोर की कलात्मक शैली पर एक महत्वपूर्ण प्रभाव का सबसे अच्छा वर्णन करता है?
      प्रश्न 5:
      अवनिंद्रनाथ टैगोर की 'अरेबियन नाइट्स' श्रृंखला का क्या महत्व था?