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कलाशाला · स्थापना 2015 · पेरिस, फ्रांस
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खाता विशलिस्ट कार्ट

मॉरिस लुईस

1912 - 1962

संक्षिप्त जानकारी

  • Best occasions: हाइलाइट
  • Museums on APS:
    • Chrysler Museum of Art
    • Chrysler Museum of Art
    • Chrysler Museum of Art
    • Chrysler Museum of Art
    • Chrysler Museum of Art
  • Room fit: लिविंग रूम
  • Copyright status: Under copyright
  • Art period: आधुनिक
  • Top-ranked work: VAV
  • Born: 1912, बाल्टीमोर, संयुक्त राज्य अमेरिका
  • Also known as: मॉरिस लुईस बर्नस्टीन
  • Corpus themes:
    • color field
    • abstract expressionism
    • geometric abstraction
    • washington color school
    • innovation
  • Gift suitability: other-none
  • Mediums: कैनवस पर एक्रिलिक पेंट
  • और अधिक…
  • Nationality: संयुक्त राज्य अमेरिका
  • Emotional tone:
    • प्रशांत
    • चिंतनशील
  • Vibe:
    • सौम्य और शांत
    • प्रशांत
  • Typical colors: मिट्टी के रंग जैसा
  • Creative periods: mature period
  • Works on APS: 92
  • Movements:
    • color field
    • color field painting
  • Died: 1962
  • Topics explored:
    • color
    • abstract
    • abstraction
    • flowing
    • layers
  • Top 3 works:
    • VAV
    • गैमा लैम्ब्डा
    • Number 1-82
  • Lifespan: 50 years

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

  • जन्म: मॉरिस लुईस बर्नस्टीन, 28 नवंबर, 1912, बाल्टीमोर, मैरीलैंड
  • माता-पिता: लुईस बर्नस्टीन (फर्नीचर विक्रेता) और सेसिलिया लकमैन बर्नस्टीन।
  • शिक्षा: बाल्टीमोर के सार्वजनिक स्कूलों में अध्ययन; मैरीलैंड इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन एंड एप्लाइड आर्ट्स (अब MICA), 1929-1932। उन्होंने अपनी डिग्री पूरी नहीं की थी।
  • उनके शुरुआती प्रभावों में यूजीन स्पियर और पॉल सेज़ान शामिल थे।
  • कला के प्रति उनके प्रारंभिक रुझान को उनके परिवार ने प्रोत्साहित किया, बावजूद इसके कि बाल्टीमोर में अवसर सीमित थे।

एक कलाकार के रूप में विकास और प्रमुख प्रभाव

  • 1930 का दशक: पेंटिंग करते समय खुद का भरण-पोषण करने के लिए उन्होंने विभिन्न छोटे-मोटा काम किए (सब्जी छीलना, कपड़े धोना, गैलप पोल अनुसंधान)।
  • 1934-1936: सैम स्वर्डलोफ के नेतृत्व में 'पब्लिक वर्क्स ऑफ आर्ट प्रोजेक्ट' भित्ति चित्र परियोजना में भाग लिया।
  • 1936-1937: न्यूयॉर्क शहर चले गए; सिकोइरोस वर्कशॉप में नई तकनीकों के साथ प्रयोग किया।
  • मैग्ना पेंट की खोज (1948): यह एक निर्णायक क्षण था – लुईस ने मैग्ना पेंट के उपयोग की शुरुआत की, जो लियोनार्ड बोकूर और सैम गोल्डन द्वारा विशेष रूप से उनके लिए विकसित एक नया तेल-आधारित एक्रिलिक पेंट था। इसने उनके काम में अधिक तरलता और पारदर्शिता लाने में मदद की।
  • हेलेन फ्रैंकेन्थल का प्रभाव: 1953 में, लुईस और केनेथ नोलैंड ने फ्रैं terlihat के स्टूडियो का दौरा किया और उनकी 'स्टेन पेंटिंग्स' (विशेष रूप से "माउंटेन्स एंड सी") से गहराई से प्रभावित हुए। इसने उन्हें पेंट डालने (pouring) और दागने (staining) की तकनीकों के साथ प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया।

वेइल पेंटिंग्स और कलर फील्ड नवाचार

    परिपक्व वेइल पेंटिंग्स (1954): इसकी विशेषता पारभासी रंगों की ओवरलैपिंग और सुपरइम्पोज्ड परतें थीं, जिन्हें कैनवास पर डाला और रंगा जाता था।
  • तकनीक: अत्यधिक पतला पेंट एक बिना प्राइम किए हुए कैनवास पर लगाया जाता था, जिससे वह ढलान वाली सतह पर बह सके और पारभासी रंग की परतें (veils) बना सके। इससे ब्रश के निशान समाप्त हो गए और सपाटपन पर जोर दिया गया।
  • कलर फील्ड पेंटिंग: लुईस कलर फील्ड पेंटिंग के एक केंद्रीय पात्र बन गए, जिन्होंने चित्रमय स्थान को सरल बनाया और तीव्र रंगों के सपाट तलों पर ध्यान केंद्रित किया। वह 'वाशिंगटन कलर स्कूल' आंदोलन का हिस्सा थे।
  • लीश्रृंखला और शैलियाँ: वेइल पेंटिंग्स के अलावा, उन्होंने फ्लोरल, कॉलम (1960), अनफर्ल्ड्स (1960-61) – जिसमें अपारदर्शी रंगों की धाराएं थीं – और स्ट्राइप पेंटिंग्स (1961-62) जैसी श्रृंखलाओं का अन्वेषण किया।

प्रमुख उपलब्धियां और ऐतिहासिक महत्व

  • कलर फील्ड पेंटिंग का अग्रदूत: लुईस को केनेथ नोलैंड और हेलेन फ्रैंकेन्थल जैसे कलाकारों के साथ कलर फील्ड पेंटिंग के प्रमुख नवप्रवर्तकों के रूप में मान्यता प्राप्त है।
  • अमूर्त अभिव्यक्तिवाद (Abstract Expressionism) पर प्रभाव: उनके काम ने हाव-भाव या संरचना के बजाय रंग और सपाटपन पर ध्यान केंद्रित करके अमूर्त अभिव्यक्तिवाद की सीमाओं का विस्तार किया।
  • वाशिंगटन कलर स्कूल: इस प्रभावशाली आंदोलन के एक महत्वपूर्ण योगदानकर्ता, जिसने पेंटिंग के प्रति एक सरल और संक्षिप्त दृष्टिकोण पर जोर दिया।
  • कृतियों का विनाश: उल्लेखनीय रूप से, लुईस ने 1955 और 1957 के बीच अपनी कई पेंटिंग्स को नष्ट कर दिया, जो उनके काम के प्रति एक आलोचनात्मक आत्म-मूल्यांकन को दर्शाता है।
  • विरासत: रंग, सपाटपन और पेंट की भौतिकता पर उनका जोर समकालीन कलाकारों को प्रेरित करना जारी रखता है।

अंतिम वर्ष और मृत्यु

  • लुईस ने अपनी मृत्यु तक प्रचुर मात्रा में पेंटिंग करना जारी रखा।
  • मृत्यु: 7 सितंबर, 1962 को वाशिंगटन, डी.सी. में 49 वर्ष की आयु में निधन।
  • स्मारक प्रदर्शनी (1963): उनकी मृत्यु के कुछ समय बाद सोलोमन आर. गुगेनहाइम संग्रहालय में एक महत्वपूर्ण प्रदर्शनी आयोजित की गई थी।
  • पुनरावलोकन प्रदर्शनियाँ: इसके बाद बोस्टन के म्यूजियम ऑफ फाइन आर्ट्स (1967) और नेशनल गैलरी ऑफ आर्ट, वाशिंगटन, डी.सी. (1976) में प्रमुख प्रदर्शनियाँ आयोजित की गईं।