बोरिस दिमित्रिएविच ग्रिगोरिएव एक प्रवेश करें
एहसास, नहीं
एक गैलरी।
एक मिजाज चुनें और कमरा स्वयं उसका उत्तर देता है — रोशनी ठंडी या गर्म हो जाती है, हवा की गति बदल जाती है, और अंधेरे से केवल वही कलाकृतियाँ उभरकर सामने आती हैं जिनमें वह अहसास समाहित होता है। बाकी सब परछाइयों में ओझल हो जाता है।
बोरिस दिमित्रिएविच ग्रिगोरिएव
Boris Dmitrievich Grigoriev: रूसी कला में एक जीवन प्रारंभिक जीवन और शिक्षा जन्म: 11 जुलाई, 1886, रिबिंस्क, रूस। उनकी माता, क्लारा वॉन लिंडेनबर्ग, स्वीडिश मूल की थीं, जिन्होंने उनकी कलात्मक संवेदनाओं को गहराई से प्रभावित किया। ग्रिगोरिएव का प्रारंभिक जीवन विवाह के बिना जन्म लेने की परिस्थितियों से घिरा था, एक ऐसा विषय जो बाद में सूक्ष्म रूप से उनके कार्यों में परिलक्षित हुआ। उन्होंने 1903 से 1907 तक दिमित्री शेरबिनोव्स्की के मा
र्गदर्शन में स्ट्रोगानोव आर्ट स्कूल में अध्ययन किया। सेंट पीटर्सबर्ग के इंपीरियल एकेडमी ऑफ आर्ट्स में अपनी शिक्षा को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने अपनी कलात्मक नींव को सुदृढ़ किया। कलात्मक विकास और प्रभाव ग्रिगोरिएव की शैली विभिन्न चरणों से विकसित हुई, जो अवांत-गार्डे (avant-garde) तकनीकों को अपनाने से पहले प्रभाववाद (Impressionism) से शुरू हुई थी। 1909 में, वे "स्टूडियो ऑफ इम्प्रेशनिस्ट्स" में शामिल हुए, जो इस आंदोलन के प्रति उनके श…