डेविड सैले एक प्रवेश करें
एहसास, नहीं
एक गैलरी।
एक मिजाज चुनें और कमरा स्वयं उसका उत्तर देता है — रोशनी ठंडी या गर्म हो जाती है, हवा की गति बदल जाती है, और अंधेरे से केवल वही कलाकृतियाँ उभरकर सामने आती हैं जिनमें वह अहसास समाहित होता है। बाकी सब परछाइयों में ओझल हो जाता है।
डेविड सैले
डेविड सैल: खंडित छवियों के वास्तुकार 1952 में ओक्लाहोमा के नॉर्मन में जन्मे डेविड सैल, उत्तर-आधुनिक (postmodern) चित्रकला के परिदृश्य में एक अत्यंत महत्वपूर्ण व्यक्तित्व हैं। उनके काम को किसी एक श्रेणी में बांधना कठिन है—उन्हें नव-अभिव्यक्तिवाद (neo-expressionism), सिमुलाक्रम, 'बैड पेंटिंग' और 'न्यू इमेज पेंटिंग' से जोड़ा जाता रहा है—फिर भी वे दृश्य भाषा के अपने अनूठे दृष्टिकोण के माध्यम से इन सभी सीमाओं से परे निकल जाते हैं। सैल का कर
ियर उच्च कला (high art) और लोकप्रिय संस्कृति के बीच एक मंत्रमुति संवाद की तरह विकसित हुआ है, जहाँ छवियों की सावधानीपूर्वक निर्मित परतें रचनाकार और कथा के पारंपरिक विचारों को चुनौती देती हैं। वे केवल छवियों को एकत्रित नहीं कर रहे हैं; बल्कि वे संदर्भों की जटिल प्रणालियाँ बना रहे हैं, जो दर्शक को आत्मीयता के एक ऐसे उलझे हुए जाल में आमंत्रित करती हैं जहाँ प्रतिनिधित्व की प्रकृति पर ही प्रश्नचिह्न लग जाता है। सैल के प्रारंभिक कलात्मक विका…