प्रारंभिक जीवन और प्रशिक्षण
उतागावा कुनिसदा II, जिन्हें
तोयोकुनी IV के नाम से भी जाना जाता है, जापान के एदो में 1823 में जन्मे एक प्रसिद्ध जापानी उकियो-ए प्रिंट डिजाइनर थे। उन्होंने
उतागावा कुनिसदा I के शिष्य के रूप में प्रशिक्षण प्राप्त किया और अपने शुरुआती कार्यों के अधिकांश भाग पर
कुनिमासा III के नाम से हस्ताक्षर किए। लगभग 1850-51 के आसपास, उन्होंने
कुनिसदा II नाम अपनाया, जो
उतागावा स्कूल की विरासत को संभालने का प्रतीक था।
कलात्मक शैली और उल्लेखनीय कार्य
कुनिसदा II के प्रिंट्स में 40 से अधिक श्रृंखलाएं शामिल हैं, जिनमें मुख्य रूप से अभिनेताओं (याकुशा-ए), सुंदरियों के चित्रों, साहित्य के दृशलों के चित्रण, कामुक कला और अन्य विषयों को दर्शाया गया है। उनकी सबसे प्रसिद्ध कृतियों में से एक
द टेल ऑफ द एइट डॉग हीरोज (हक्केंडुन इनू नो सोशी नो उची) है, जो 1852 की है और
क्योकूतेई बाकिन के महाकाव्य उपन्यास,
द सातोमी क्लैन एंड द एइट डॉग्स (नंसो सातोमी हक्केंडन) पर आधारित है।
विरासत और उत्तरार्द्ध जीवन
कुनिसदा II ने
उतागावा स्कूल का नेतृत्व किया और अपने गुरु की शैली में कार्य किया, लेकिन वे कभी भी उसी स्तर की सफलता प्राप्त नहीं कर सके। मेजी काल (1868-1912) के दौरान उनकी लोकप्रियता कम होने लगी, और ऐसा प्रतीत होता है कि 1874 के बाद उन्होंने प्रिंट बनाना बंद कर दिया था। उनका निधन 20 जुलाई, 1880 को हुआ और उन्हें
बंशोइन कोउन्जी में दफनाया गया था। उनका बौद्ध मरणोपरांत नाम
सांकोइन होकोकुजुतेई शिन्जी है।
AllPaintingsStore.com में उल्लेखनीय उल्लेख
कुनिसदा II के जीवन के मुख्य बिंदु
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