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कैटलॉग प्रविष्टि

Moa

1911. Acrylic On Canvas.

चित्र १. इगोन शीले, Moa, 1911. जैसा कि आपने विशिष्ट रूप से चुना है, यह उसका प्रतिरूप (reproduction) है: , .

§ 1कैटलॉग डेटा

§ 2अमूर्त

संग्रहणीय वस्तु का विवरण

Egon Schiele’s ‘Moa’ (1911) captures a dancer enveloped in rich textiles, showcasing his innovative Expressionist style and departure from Klimt's influence. Explore the painting’s striking contrasts & emotive power.

कलाकार की जीवनी

डेथ एंड द मेडन के लिए प्रसिद्ध ऑस्ट्रियाई अभिव्यक्तिवादी। उनकी भावुक उत्कृष्ट कृतियों को आज ही देखें।

§ 3व्याख्या

Egon Schiele’s “Moa”: A Study in Vulnerability and Expressionist Boldness

The painting "Moa" by Egon Schiele, created in 1911, stands as a haunting testament to the artist's preoccupation with mortality and his masterful manipulation of color and form. It depicts a dancer—referred to as Moa—immersed within richly patterned textiles, capturing Schiele’s distinctive Expressionist style and decisively departing from Klimt’s opulent ornamentation. This artwork immediately draws the eye with its striking contrasts: the vibrant hues of the fabric juxtaposed against the stark simplicity of the nude figure beneath, creating a visual tension that speaks volumes about the psychological landscape of the era.

A Departure From Klimt's Influence

Schiele’s artistic vision was profoundly shaped by Klimt’s decorative style—particularly “The Kiss”—but he resolutely rejected its gilded surface and stylized figures. Instead, Schiele prioritized raw emotion and anatomical precision, pushing boundaries of representation to convey inner turmoil. The dancer is rendered in a manner that eschews idealized beauty; her body is painted in reds and blues, colors often associated with passion and sorrow respectively, highlighting the vulnerability inherent in the human condition—a theme central to Schiele’s oeuvre.

Technique and Composition: Bold Lines and Fragmented Form

Schiele employed a meticulous technique characterized by bold lines and fragmented form. Pencil strokes delineate the contours of the dancer's body with unwavering certainty, emphasizing her physicality while simultaneously conveying a sense of instability. The drapery—a dominant element in the composition—is rendered in geometric patterns that serve to obscure the nude figure beneath, creating an illusionistic depth that amplifies the painting’s emotional impact. This deliberate fragmentation reflects Schiele’s exploration of psychological states and his rejection of traditional artistic conventions.

Symbolism: Facing Mortality

“Moa” embodies a powerful symbolic resonance rooted in Schiele's fascination with death and decay—themes recurrent throughout his work. The dancer’s gaze, directed upwards and slightly off-center, suggests defiance yet simultaneously conveys a profound awareness of mortality. This subtle gesture underscores Schiele’s belief that art should confront uncomfortable truths about human existence. The artist’s use of color – particularly the reds and blues – reinforces this symbolic dimension, representing passion and sorrow—the fundamental emotions underpinning the experience of life and death.

Emotional Impact: A Portrait of Anxiety

Ultimately, “Moa” succeeds in capturing a palpable sense of anxiety and vulnerability. Schiele's masterful rendering of human anatomy combined with his expressive use of color creates an image that lingers in the viewer’s mind long after encountering it. It is not merely a depiction of a dancer; it is a portrait of the human spirit grappling with existential questions—a timeless masterpiece that continues to resonate with audiences today. The painting invites contemplation on themes of fragility, beauty and confronting one's own mortality.
  • Artist: Egon Schiele
  • Year Created: 1911
  • Medium: Watercolor and Pencil
  • Style: Expressionism

प्रश्न और उत्तर

इगोन शीले द्वारा "Moa" के स्वरूप (format) के लिए कौन सी जगह सबसे उपयुक्त रहेगी?

इगोन शीले द्वारा "Moa" का Portrait प्रारूप Hotel Lobby के लिए अनुशंसित है। प्रारूप और स्थान मिलकर एक पुनरुत्पादन (reproduction) की स्थापना में मार्गदर्शन करते हैं।

मैं इगोन शीले द्वारा "Moa" की प्रतिकृति (reproduction) का पूर्वावलोकन कैसे कर सकता हूँ?

"Moa" का पूर्वावलोकन पेज आपको ऑर्डर करने से पहले कलाकृति का पूर्वावलोकन करने की सुविधा देता है।

क्या मैं अपने कमरे में इगोन शीले द्वारा "Moa" को देखने के लिए ऑगमेंटेड रियलिटी (augmented reality) का उपयोग कर सकता हूँ?

"Moa" के लिए एक ऑगमेंटेड रियलिटी प्रीव्यू उपलब्ध है: कलाकृति का एआर में देखें पेज एक संगत डिवाइस पर इसे आपके अपने स्थान में दिखाता है।

§ 4कलाकार

इगोन शीले

इगोन शीले

1890 - 1918, क्रोएशिया

इगोन शीले के बारे में कुछ खास बातें

  • Artistic Movement Or Style: ऑस्ट्रियाई अभिव्यक्तिवाद
  • Artists Or Movements Influenced By This Artist: ['ऑस्ट्रियाई अभिव्यक्तिवाद']
  • Artists Who Influenced This Artist: ['गुस्ताव क्लिमिट']
  • Date Of Birth: 1890
  • Date Of Death: 1918
  • Full Name: एगॉन शील
  • Nationality: ऑस्ट्रियाई
  • Notable Artworks:
    • फिआलिस के साथ स्व-चित्र
    • गले मिलते हुए युगल
    • क्षेत्रीय परिदृश्य (क्रुमऊ के पास क्रुज़बर्ग)
    • मृत्यु और युवती
  • Place Of Birth: वियना, क्रोएशिया

कलाकार की जीवनी

एगॉन शील का जीवन

लोअर ऑस्ट्रिया का टुलन शहर, एगॉन शील के जीवन की शुरुआत का साक्षी बनता है। 12 जून 1890 को जन्मे, उनका आगमन एक ऐसी दुनिया में हुआ जो ऑस्ट्रो-हंगेरियन साम्राज्य की कठोर संरचनाओं से परिभाषित थी। उनके पिता, एडॉल्फ शील, ऑस्ट्रियाई संघीय रेलवे के लिए स्टेशन मास्टर के रूप में स्थानीय स्टेशन का प्रबंधन करते थे। उनकी माँ, मैरी, अपने मायके के नाम सुपुक के रूप में जानी जाती थीं। परिवार के भीतर, एगॉन अपनी तीन बहनों: एल्विरा, मेलानी और गर्ट्रूड के साथ बड़े हुए।

इस घरेलू जीवन की स्थिरता बहुत जल्द बिखर जाती है। बीमारी की छाया घर में मंडराने लगती है, जो उस युवा कलाकार के मानस पर एक स्थायी छाप छोड़ जाती है। ये व्यक्तिगत उथल-पुथल केवल बीत जाने वाली घटनाएँ नहीं थीं; बल्कि ये उनके भविष्य के कार्यों की आत्मा में समा गईं। वे मृत्यु दर के प्रति एक ऐसी संवेदनशीलता के साथ दुनिया में आगे बढ़ते हैं, जो अंततः ऑस्ट्रियाई अभिव्यक्तिवाद में उनके स्थान को परिभाषित करेगी। उनका अस्तित्व आंतरिक तनाव को कैनवास की सतह पर उतारने के एक निरंतर संघर्ष में बदल जाता है।

उनका मार्ग उन्हें बदलते हुए यूरोपीय परिदृश्य के केंद्र की ओर ले जाता है। वे पारंपरिक शैक्षणिक अपेक्षाओं और कच्चे, मनोवैज्ञानिक सत्य की बढ़ती आवश्यकता के बीच के तनाव से जूझते हैं। एगॉन शील का जीवन मानव स्थिति के साथ गहन और अक्सर असहज मुठभेड़ों की एक श्रृंखला है। वे दुनिया को वैसा चित्रित करने का प्रयास नहीं करते जैसा वह आँखों को दिखाई देती है, बल्कि वैसा, जैसा वह तंत्रिका तंत्र के भीतर स्पंदित होती है।

प्रारंभिक जीवन, परिवार और प्रशिक्षण

एगॉन शील के बचपन का सुकून 1904 में बिखर जाता है। उनके पिता, एडॉल्फ शील, जो एक स्टेशन मास्टर थे, सिफलिस की बीमारी का शिकार हो जाते हैं। ट्रिएस्ट में हनीमून के दौरान हुई यह बीमारी परिवार को निर्धनता की ओर धकेल देती है और युवा कलाकार के मानस पर उनके पिता के मानसिक भ्रम और क्रोध की गहरी छाया अंकित हो जाती है। एगॉन अपनी तीन बहनों—एल्विरा, मेलानी और गर्ट्रूड—के साथ अपने ससुर लियोपोल्ड ज़िहासेक के संरक्षण में बड़े होते हैं। इन अशांत वर्षों में भी, ट्रेनों के प्रति उनका आकर्षण बना रहता है, एक ऐसा विषय जो बाद में उनकी कलाकृतियों में उभर कर सामने आता है।

उनका औपचारिक प्रशिक्षण ट्यूटर लुडविग कार्ल स्ट्रौच के मार्गदर्शन में शुरू होता है। 1906 तक, शील वियना चले जाते हैं ताकि वे अकादमी ऑफ फाइन आर्ट्स (अकादमी डेर बिल्डेंडन कुन्स्टन) में अध्ययन कर सकें। वहाँ का वातावरण अत्यंत कठोर था। वे खुद को प्रोफेसर क्रिश्चियन ग्रिपेनकेरल के अति-रूढ़िवादी शिक्षण के साथ बढ़ते हुए संघर्ष में पाते हैं। यह वैचारिक टकराव इतना बढ़ जाता है कि इसे सहना असंभव हो जाता है। इन सख्त शैक्षणिक परंपराओं के बीच तीन साल बिताने के बाद, एगॉन शील एक स्वतंत्र मार्ग बनाने के लिए अकादमी को पूरी तरह से त्याग देते हैं।

उनके जीवन में एक बड़ा बदलाव तब आता है जब उनका सामना गुस्ताव क्लिमिट से होता है। यह स्थापित कलाकार उनके लिए एक गुरु बन जाते हैं, जो युवा चित्रकार को न केवल मॉडल प्रदान करते हैं, बल्कि उन्हें वियना सेसेशन के कलात्मक हलकों से भी परिचित कराते हैं। यह संबंध परंपरा के विरुद्ध संघर्ष कर रहे एक छात्र के, उभरती हुई आधुनिक कला (अवांत-गार्द) के एक केंद्रीय व्यक्तित्व में बदलने का प्रतीक बन जाता है।

वियना में कलात्मक विकास

वियना एगॉन शील के रचनात्मक संघर्ष का केंद्र बन जाता है। वह शहर के कलात्मक हलकों में घूमते हैं और अंततः गुस्ताव क्लिमिट से मिलते हैं। यह मुलाकात उनके जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आती है। हालांकि वे अपने गुरु के प्रभाव को आत्मसात करते हैं, लेकिन एगॉन शील केवल सेसेशन के सजावटी पैटर्न की नकल नहीं करते। इसके बजाय, वे अलंकरण को हटाना शुरू कर देते हैं और एक अधिक गहन और वास्तविक सत्य की खोज करते हैं। 1909 तक, वे स्थापित व्यवस्था को सक्रिय रूप से चुनौती दे रहे होते हैं, और 'न्युएस वियना कुन्स्टग्रुप' (Neues Wiener Kunstgruppe) तथा 'न्युकुन्स्टग्रुप' (Neukunstgruppe) की सह-स्थापना करते हैं। ये आंदोलन परंपरा से उनके पूर्ण अलगाव का संकेत देते हैं।

शहर में उनकी उपस्थिति शहरी केंद्रों और शांत उपनगरों के बीच एक बेचैन हलचल से चिह्नित है। वे वियना, क्रेम्स, क्लॉस्टरनबर्ग, न्युलेन्गबाक और प्राग में काम करते हैं। यह भौगोलिक विस्तार उनके मनोवैज्ञानिक विस्तार का प्रतिबिंब है। उनकी कला उनके प्रारंभिक प्रशिक्षण के औपचारिक बंधनों से निकलकर मानव स्थिति के एक कच्चे और निर्भीक अन्वेषण की ओर बढ़ती है। उस युग का तनाव उनके विकसित होते रेखाचित्रों और रचनाओं में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।

तकनीक और अभिव्यक्तिवादी शैली

रेखा एगॉन शील की दृष्टि का प्राथमिक इंजन है। यह केवल किसी रूपरेखा को चित्रित नहीं करती, बल्कि एक बेचैन और अशांत ऊर्जा के साथ स्पंदित होती है। वे मनोवैज्ञानिक तनाव को उकेरने के लिए अभिव्यंजक रेखाओं का उपयोग करते हैं, जिसके परिणामस्वरूप अक्सर विकृत मुद्राएं और मुड़े हुए शारीरिक आकार देखने को मिलते हैं। उनके चित्रों में आकृतियाँ लंबी और खिंची हुई प्रतीत होती हैं, जिनके अंग प्राकृतिक अनुपात से परे तक फैले होते हैं, जो मन में एक अनिश्चितता और बेचैनी का भाव पैदा करते हैं। यह शारीरिक पूर्णता की खोज नहीं है, बल्कि विषय की आंतरिक स्थिति को उजागर करने का एक प्रयास है। त्वचा के रंग अक्सर दुर्बल या बीमार जैसे दिखाई देते हैं, जो नाजुकता और शारीरिक भेद्यता के भाव पर जोर देते हैं।

माध्यम के अनुसार उनकी तकनीकी पद्धति बदलती रहती है, फिर भी उनकी कला की तीव्रता स्थिर बनी रहती है। अपने जलरंगों (वॉटरकलर) में, वे गहराई और मनोदशा बनाने के लिए रंगों के ढीले और बहते हुए आकारों का उपयोग करते हैं, और अक्सर अकेलेपन की भावना को बढ़ाने के लिए कागज के बड़े हिस्से को खाली छोड़ देते हैं। जब वे कैनवास पर तेल रंगों (ऑयल पेंट) के साथ काम करते हैं, तो उनके ब्रश के निशान में वही तीखापन और तात्कालिकता होती है जो उनके रेखाचित्रों में मिलती है। द्वि-आयामी तल से परे, उन्होंने मूर्तिकला के माध्यम से भी रूप की खोज की, जिसमें उन्होंने मानवीय उपस्थिति के भार को पकड़ने के लिए मिट्टी और प्लास्टर का उपयोग किया।

प्रमुख कृतियाँ और विषय वस्तु

एगॉन शील के लिए कैनवास केवल एक सतह नहीं, बल्कि मनोवैज्ञानिक उत्खनन का एक स्थल बन जाता है। वे मृत्यु, कामुकता, चिंता और अकेलेपन की गहरी उपस्थिति का सामना अटूट ईमानदारी के साथ करते हैं। वर्ष 1915 में, उन्होंने डेथ एंड द मेडन (Death and the Maiden) जैसी कृति बनाई, जहाँ मृत्यु की उपस्थिति कामुकता के साथ एकाकार होती है। उनके चित्रों में आकृतियाँ एक निरंतर तनाव की स्थिति में दिखाई देती हैं, जो उन आंतरिक संघर्षों को दर्शाती हैं जो उनकी कलात्मक दृष्टि को परिभाषित करते हैं। वे अक्सर इन अदृश्य मानसिक अवस्थाओं को चित्रित करने के लिए मानव शरीर का सहारा लेते हैं, जहाँ शरीर अस्तित्व की जटिलताओं को समेटने वाले एक पात्र के रूप में उभरता है।

आत्म-चित्रण (Self-portraiture) उनके लिए आत्मनिरीक्षण का एक निरंतर माध्यम रहा है। वे स्वयं को एक सुसंस्कृत या परिष्कृत छवि के रूप में प्रस्तुत करने के बजाय एक अत्यंत संवेदनशील और असुरक्षित रूप में दिखाते हैं, जो अक्सर विकृत या दुर्बल अवस्था में दिखाई देता है। सेल्फ-पोर्ट्रेट विद फिजालिस (Self-Portrait with Physalis) में, उन्होंने फिजालिस के पौधे को एक आवर्ती प्रतीक के रूप में उपयोग किया है। अपने नाजुक और कागजी छिलके के साथ यह पौधा जीवन की क्षणभंगुरता और नाजुकता का प्रतीक है। यह वानस्पतिक तत्व उनके भीतर क्षय और मानव स्थिति की नश्वरता के प्रति व्याप्त जुनून को गहराई प्रदान करता है।

उनके व्यक्तिगत संबंध भी उनकी रचनाओं में गहराई से समाहित हैं। 1915 में, उन्होंने पोर्ट्रेट ऑफ एडिथ शील बनाई, जिसमें उन्होंने अपनी पत्नी को अपनी विशिष्ट अभिव्यंजक भाषा के माध्यम से कैद किया है। उनके विषय कभी भी स्थिर नहीं होते; वे एक ऐसी बेचैन ऊर्जा के साथ स्पंदित होते हैं जो उस युग के बदलते सामाजिक और मनोवैज्ञानिक परिदृश्यों को प्रतिबिंबित करती है। उनकी कलात्मक यात्रा में इन विषयों की खोज को निम्नलिखित कृतियाँ महत्वपूर्ण रूप से दर्शाती हैं:

  • डेथ एंड द मेडन (1915)
  • सेल्फ-पोर्ट्रेट विद फिजालिस
  • पोर्ट्रेट ऑफ एडिथ शील (1915)

जीवन के अंतिम वर्ष और मृत्यु

जैसे-जैसे प्रथम विश्व युद्ध के बादल मंडराने लगते हैं, एगॉन शील के जीवन का परिदृश्य बदलने लगता है। उनका विवाह एडिथ हार्म्स से होता है, जो उनके जीवन में एक महत्वपूर्ण व्यक्तिगत परिवर्तन का प्रतीक है। हालांकि, वैवाहिक जीवन की यह स्थिरता युद्ध की विभीषिका के कारण जल्द ही बाधित हो जाती है। उन्हें सैन्य सेवा के लिए बुला लिया जाता है, एक ऐसा दौर जो उन्हें युद्ध की अराजकता के बीच लाकर खड़ा कर देता है।

उनका अंत एक अचानक और जैविक क्रूरता के साथ आता है। वर्ष 1918 में, स्पेनिश फ्लू की महामारी वियना में फैल जाती है। यह वायरस मात्र 28 वर्ष की आयु में शील का जीवन छीन लेता है। उनकी मृत्यु 31 अक्टूबर 1918 को होती है। उनका निधन उनकी पत्नी एडिथ की मृत्यु के कुछ ही समय बाद हुआ, जिन्होंने इसी बीमारी के कारण दम तोड़ दिया था। इस कलाकार का जीवन अचानक समाप्त हो जाता है, लेकिन अपने पीछे कलाकृतियों का एक ऐसा संग्रह छोड़ जाता है जो ढहती हुई दुनिया के तनाव और उथल-पुथल को जीवंत रूप में समेटे हुए है।

विरासत और कलात्मक प्रभाव

एगॉन शील बीसवीं सदी की शुरुआत में ऑस्ट्रियाई अभिव्यक्तिवाद के एक प्रमुख स्तंभ के रूप में उभरते हैं। सेसेशन आंदोलन के सजावटी स्वर्ण आभा से हटकर, मानव रूप के अधिक गहन और मनोवैज्ञानिक अन्वेषण की ओर उनके झुकाव ने आलंकारिक चित्रकला (figurative painting) की दिशा ही बदल दी। उन्होंने बाहरी आवरण को हटाकर सीधे तंत्रिका तंत्र को चित्रित करने का प्रयास किया, जहाँ उन्होंने चिंता और इच्छाओं के कंपकंपाहट को पकड़ने के लिए टेढ़ी-मेढ़ी और बेचैन रेखाओं का उपयोग किया। आदर्श सुंदरता के बजाय आंतरिक परिदृश्य पर उनके इस ध्यान ने उन्हें उस युग के एक महान आलंकारिक चित्रकार के रूप में स्थापित कर दिया।

उनके कार्यों का प्रभाव वियना की सीमाओं से कहीं आगे तक फैला हुआ है। कलाकारों की अगली पीढ़ियों ने उनकी इस मौलिक ईमानदारी में एक मिसाल पाई है, विशेष रूप से उन लोगों के लिए जो मानव मानस की गहरी और अधिक जटिल परतों की ओर आकर्षित थे। व्यक्तिगत आघात और अस्तित्वगत तनाव को एक सार्वभौमिक दृश्य भाषा में अनुवादित करने की उनकी क्षमता, आधुनिक कला के विमर्श में उनकी उपस्थिति को सुनिश्चित करती है। आज, उनके चित्रों को दुनिया भर के प्रमुख संग्रहालयों के संग्रहों में रखा गया है, जिन्हें उनके समय के मनोवैज्ञानिक परिवर्तनों के आवश्यक ऐतिहासिक प्रमाण के रूप में संरक्षित किया गया है।

  • Self-Portrait with Physalis
  • Couple Embracing
  • Field Landscape (Kreuzberg near Krumau)
  • Death and the Maiden

आज उनकी कृतियों को कहाँ देखें

एगॉन शील की कलात्मक विरासत का सबसे गहरा प्रभाव वियना में महसूस किया जा सकता है। लियोपोल्ड म्यूजियम में उनकी कृतियों का एक विशाल संग्रह मौजूद है, जो उनके रेखाचित्रों और चित्रों की उस कच्ची और जीवंत ऊर्जा को संजोए हुए है। वहीं पास में स्थित, ऑस्ट्रियाई गैलरी बेलवेडेरे (Österreichische Galerie Belvedere) में उनके महत्वपूर्ण कैनवस रखे हैं, जिनमें डेथ एंड द मेडन (1915) भी शामिल है। वियना का संस्थागत परिदृश्य कुन्स्टहिस्टोरिशेस म्यूजियम और अल्बर्टिना के माध्यम से उनकी विरासत की रक्षा करना जारी रखता है, जिनमें से दोनों में उनकी उत्कृष्ट कृतियों के अनिवार्य अंश मौजूद हैं।

ऑस्ट्रिया की राजधानी से परे, चेक गणराज्य के चेस्की क्रुमलोव में स्थित 'एगॉन शील आर्ट सेंट्रम' उनके काम के लिए एक समर्पित स्थान प्रदान करता है। यह संग्रहालय एक स्थायी संग्रह के माध्यम से उनके विकास क्रम को दर्शाता है, जिसमें जलरंग (वॉटरकलर) और स्याही से बने रेखाचित्र शामिल हैं। इस परिवेश में, दर्शक उनकी रेखाओं की उस विशिष्ट तीव्रता का अनुभव कर सकते हैं, जो उनकी अभिव्यंजक शैली के विकास पर केंद्रित है।

  • डेथ एंड द मेडन (1915)
  • सेल्फ-पोर्ट्रेट विद फिजालिस
  • कपल्स एम्ब्रेसिंग
  • द फैमिली

§ 5तुलना योग्य कृतियाँ

§ 6प्रश्न

संक्षिप्त विवरण

  • Title: Moa
  • Influences: Klimt
  • Medium: Watercolor & Pencil
  • Notable elements or techniques: Geometric drapery; Pale face
  • Subject or theme: Dance; Vulnerability

कला प्रश्नोत्तरी

प्रत्येक प्रश्न का केवल एक ही सही उत्तर है।

प्रश्न 1:
What artistic movement is Egon Schiele’s ‘Moa’ primarily associated with?
प्रश्न 2:
The painting depicts a dancer named Moa. What is notable about her pose and attire?
प्रश्न 3:
What stylistic element distinguishes Schiele’s ‘Moa’ from the work of Klimt?
प्रश्न 4:
In what year was Egon Schiele's ‘Moa’ created?
प्रश्न 5:
What is the primary emotion conveyed by Schiele’s depiction of Moa's gaze?

§ 7इस प्रविष्टि का संदर्भ दें

AllPaintingsStore.com, “इगोन शीले, Moa (1911)”, https://allpaintingsstore.com/hi/art/egon-schiele-moa-D3DQLG-en/ArtistReproduction/ (पहुँच तिथि 14 अक्टूबर 2026).

§ 8प्रतिलिपि

हस्तनिर्मित ऑयल रिप्रोडक्शन

आपके आकार और फ्रेम के अनुसार कैनवास पर हाथ से बनी ऑयल पेंटिंग, हमारे कलाकारों द्वारा विशेष रूप से ऑर्डर पर तैयार। ( प्रिंट विकल्प पर स्विच करें डिजिटल इमेज पर स्विच करें)

इसका उल्लेख ऑर्डर शीट के हाशिए में किया गया है; उस शीट की वर्तमान स्थिति इस प्रकार है।

Moa

प्रतिकृति की निर्माण सामग्री

प्रतिकृति का आकार

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प्रतिकृति फ्रेमिंग विकल्प

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किसी भी तरफ से 105 सेमी (लगभग 41 इंच) से बड़े कलाकृतियों या पुनरुत्पादनों के लिए, फ्रेम को एक किट के रूप में अलग करके भेजा जाएगा। यह तरीका सुरक्षित डिलीवरी सुनिश्चित करता है और परिवहन के दौरान होने वाली क्षति को रोकता है।

पेशेवर असेंबली आवश्यक है - यह DIY उत्पाद नहीं है।
किट को एक अनुभवी पेशेवर फ्रेम बनाने वाले (framer) द्वारा असेंबल किया जाना चाहिए और कैनवास को खींचा जाना चाहिए, जिसमें लकड़ी के गोंद (प्रदान नहीं किया गया), एक कैनवास स्ट्रेचिंग प्लायर और गोंद सूखने तक बार्स को सीधा रखने के लिए क्लैम्प्स का उपयोग किया जाए। गलत असेंबली या कैनवास का असमान तनाव कलाकृति को स्थायी रूप से नुकसान पहुँचा सकता है और यह हमारी वारंटी के अंतर्गत नहीं आता है।

  • सभी ठोस लकड़ी की पट्टियाँ शामिल हैं, जिन्हें सटीक माप में काटा गया है।

  • इसे साथ में दिए गए स्क्रू और कोनों के जोड़ों के लिए वुड ग्लू (लकड़ी चिपकाने वाला गोंद) का उपयोग करके जोड़ा जा सकता है, जो कि साथ में नहीं दिया गया है और इसे आपके फ्रेम बनाने वाले द्वारा उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

  • पेशेवर उपकरणों की आवश्यकता है जो किट में शामिल नहीं हैं: एक कैनवास स्ट्रेचिंग प्लायर (तनाव देने वाला उपकरण) और गोंद सूखने के दौरान बार्स को सीधा रखने के लिए क्लैम्प्स।

महत्वपूर्ण:
कोने के जोड़ों के लिए वुड ग्लू (लकड़ी का गोंद) की आवश्यकता होती है, गोंद के पूरी तरह सूखने तक बार्स को क्लैम्प्स से दबाकर रखना आवश्यक है, और तैयार फ्रेम पर कैनवास को कसने के लिए कैनवास स्ट्रेचिंग प्लायर की आवश्यकता होती है। इनमें से कोई भी वस्तु किट में शामिल नहीं है। कृपया इस आकार का ऑर्डर देने से पहले एक अनुभवी पेशेवर फ्रेम बनाने वाले (framer) की व्यवस्था कर लें।

नामपट्टिका

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सुरक्षात्मक वार्निश

चमकदार वार्निश (रंगों में निखार लाता है और प्रकाश एवं नमी से सुरक्षा प्रदान करता है)

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बदलाव के कुछ उदाहरण: चेहरे को ग्राहक की फोटो से बदलें; पालतू जानवर जोड़ें (जैसे, बिल्ली की जगह कुत्ता लगाएँ); बैकग्राउंड में कोई गुप्त संदेश शामिल करें; बैकग्राउंड का परिदृश्य या अन्य तत्व बदलें।

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अति आवश्यक

विश्वव्यापी वितरण (), मानक 5 सप्ताह के बजाय मात्र 3/4 सप्ताह में। (11 नवमबर)। गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं।

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तेज़ शिपिंग

विश्वव्यापी डिलीवरी (), 5 सप्ताह के भीतर। (18 नवमबर)।

शामिल है

कुल देय राशि

₹ 24591

प्रत्येक ऑर्डर के साथ शामिल

  • दुनिया भर में मुफ़्त एक्सप्रेस शिपिंग
  • उच्च गुणवत्ता वाला लिनेन कैनवास
  • पूर्ण शिपिंग बीमा
  • सीमा शुल्क और आयात कर वापसी की गारंटी
  • सटीक रंग मिलान की गारंटी
  • 100 दिनों की वापसी नीति (केवल दोष होने पर)
  • 100% पैसे वापसी की गारंटी
  • थोक छूट का अवसर
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